Friday, March 23, 2012

हम बिहारी है....!!


जन्म लिया इस गौरवमयी धरती पर,
इसके हम आभारी है,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

रहूँ चाहे दुनिया के किसी कोने में,
नहीं भूलूँगा कि हम संतान तुम्हारी है......
गोद में तेरे बचपन बिता,
आँचल तले आई जवानी है,
देख के तेरी ऐसी हालत,
आँखों भर आई पानी है,
जन्म दिया और पला-पोसा,
माँ का हर फर्ज़ तुने निभाई है,
अब बारी हमारी है,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

मान हमारी, सम्मान हमारी,
माँ तू तो है अभिमान हमारी,
तेरे चरणों में अर्पण है,
ये जीवन और जान हमारी,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

धुल तेरे चरणों की,
अपने मस्तक पर हम सजायेंगे,
खो रही जो तेरी गरिमा,
वापस उसे हम लायेंगे,
है कसम हमे इस मिट्टी की,
एक ने बिहार हमे बनानी है.

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

Thursday, March 15, 2012

ये इश्क़ नहीं तो और क्या है....??

ख्याल जब भी आता है तेरा 
मचल जाता हूँ मैं

खंजर जब चलते है तेरी यादों के
संभल नहीं पता हु मैं

ये इश्क नहीं तो और क्या है...??
क्यों पल - पल तेरे बारे में सोचता हूँ मैं...??

भले ही खबर ना हो तुझे
ख्वावों में भी अक्सर आवाज लगता हूँ मैं
अगर तकिन नहीं तो अपनी सखियों से पूछ लो
तेरी गाँव की गलियों में, उस पनघट किनारे
कुछ पल राज बिताता हूँ मैं


जिंदगी जो बची है कुछ पल की 
तेरी यादों में गुजरता हूँ मैं 


ये कहते है यार मेरे
तू हो चुकी किसी और की
मगर फिर भी
तेरे लौट आने की आश लिए बैठा हूँ मैं


ये इश्क नहीं तो और क्या है....??

Thursday, March 8, 2012

क्या तुम्हरी औकात है......??


औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,

है इस दुनिया जो कोई अस्तित्व तुम्हारा,
ये बस उसका ही प्रताप है,
मांगे दुआए तेरे लिए और रखती उपवास है,
दिया जन्म सह कर असह प्रसव पीड़ा,
खून से अपने तेरा बचपन सिंचा,
क्या यही उसका गुनाह है..........???

जरा सोच कर देखो अपने मन में,
इसके बिना क्या तुम्हरी औकात है......??

औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,

माँ अगर एक रूप है इसका तो,
अवतार भी है ये काली का.....
अबला न समझो इसको,
खींचों नहीं अब कोई लक्ष्मण रेखा,
रानी चेनम्मा और लक्ष्मी बाई की कौसल सारी दुनिया ने देखा है,

मत कैद करो घर की चारदीवारी में,
जैसे की कोई करावाश है,
करना अवहेलना नारी जाती की
पुरे मानवता का अपमान है,
जननी है ये सारी दुनिया की,
सबसे ऊँचा इसका स्थान है,

औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,