औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
है इस दुनिया जो कोई अस्तित्व तुम्हारा,
ये बस उसका ही प्रताप है,
मांगे दुआए तेरे लिए और रखती उपवास है,
दिया जन्म सह कर असह प्रसव पीड़ा,
खून से अपने तेरा बचपन सिंचा,
क्या यही उसका गुनाह है..........???
जरा सोच कर देखो अपने मन में,
इसके बिना क्या तुम्हरी औकात है......??
औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
माँ अगर एक रूप है इसका तो,
अवतार भी है ये काली का.....
अबला न समझो इसको,
खींचों नहीं अब कोई लक्ष्मण रेखा,
रानी चेनम्मा और लक्ष्मी बाई की कौसल सारी दुनिया ने देखा है,
मत कैद करो घर की चारदीवारी में,
जैसे की कोई करावाश है,
करना अवहेलना नारी जाती की
पुरे मानवता का अपमान है,
जननी है ये सारी दुनिया की,
सबसे ऊँचा इसका स्थान है,
औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
ये बस उसका ही प्रताप है,
मांगे दुआए तेरे लिए और रखती उपवास है,
दिया जन्म सह कर असह प्रसव पीड़ा,
खून से अपने तेरा बचपन सिंचा,
क्या यही उसका गुनाह है..........???
जरा सोच कर देखो अपने मन में,
इसके बिना क्या तुम्हरी औकात है......??
औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
माँ अगर एक रूप है इसका तो,
अवतार भी है ये काली का.....
अबला न समझो इसको,
खींचों नहीं अब कोई लक्ष्मण रेखा,
रानी चेनम्मा और लक्ष्मी बाई की कौसल सारी दुनिया ने देखा है,
मत कैद करो घर की चारदीवारी में,
जैसे की कोई करावाश है,
करना अवहेलना नारी जाती की
पुरे मानवता का अपमान है,
जननी है ये सारी दुनिया की,
सबसे ऊँचा इसका स्थान है,
औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,
Very nice ................. prem gunjan.
ReplyDeleteThank you very much for liking this
ReplyDeleteniceee...................
ReplyDeleteThanks
Deleteawesome budy keep going ..............
ReplyDeleteThank you sir
Delete