Friday, July 17, 2015

मुझे अपने पास बुला ले माँ

तन्हा बहुत हूँ तेरे बिना,
आकर गले लगा ले माँ ।।

रह ना सकूँ दूर अब मैं तुझसे,
मुझे आँचल में छुपा ले माँ ।।

सोई नहीं वर्षों से मेरी आँखें,
मुझे गोद में अपने सुला ले माँ।।

कमी नहीं कुछ, फिर भी भूख हूँ मैं,
रुखा - सुखा ही सही अपने हांथों से कुछ खिला दे माँ ।।

भूल हुई जो दूर मैं आया,
मेरी भूल को तू भुला दे माँ ।।

दौलत - शौहरत की नहीं चाह मुझे अब,
बस अपने पास बुला ले माँ ।।
मुझे अपने पास बुला ले माँ.........।।