क्यों इतने दुःख सहती है ??
क्यों इतने कष्ट तू सहती ??
माँ है तेरा आशीष बहुत
जो हर संकट से मुझे बचाती है
माँ तू मेरे लिए
क्यों व्रत नए तू रखती है ??
देख के तुझको पीड़ा में
दिल मेरा माँ रोता है
धिक्कारता है मुझको मेरा मन
कैसे चैन से तू सोता है ?
क्यों इतने दुःख सहती है ??
क्यों इतने कष्ट तू सहती ??
पा लेता हू जन्नत का सुख
जब सर मेरा तू सहलाती है
दूर हो जाती हर बाधा परेशानी
जब गले तू मुझको लगाती है
फिर माँ तू मेरे लिए
क्यों व्रत नए तू रखती है ??
क्यों इतने दुःख सहती है ??
क्यों इतने कष्ट तू सहती है ??

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