Tuesday, May 1, 2012

पहले खुद को तुम बदल कर देखो

मंजिल नहीं आसान कोई,
कभी पैदल सफर बिता कर देखो

दर्द होता क्या औरो का
कभी ठोकर तुम खा कर देखो

सोना अगर है गहरी नींद में तो
मेहनत को अपना कर देखो

कीमत पता लगानी हो जो, रोटी के एक टुकड़े की तो
एक दिन भूखा बिता कर देखो

क्यूँ कहते है जल है जीवन
कभी प्यास को गले लगा कर देखो

लगेगी हर एक मुस्कान किमती
कभी आंसू अपने आँखों से बहा कर देखो

समझ आ जायेगी कीमत सच की
सच की राह अपना कर देखो

बदल जायेगी ये दुनिया लेकिन
पहले खुद को तुम बदल कर देखो 

Tuesday, April 24, 2012

तू ही मेरा सपना, तू ही मेरा ख्वाब है

तू ही मेरा सपना, तू ही मेरा ख्वाब है
जिए तू सौ साल से भी ज्यादा यही मेरा आशीर्वाद है
खुशियाँ ही खुशियाँ हो सिर्फ तेरे दमन में
मिले हर कदम पर सफलता जीवन में
दूँ मै तुझे क्या तौहफा तू तो खुद ही एक गुलाब है

तू ही मेरा सपना, तू ही मेरा ख्वाब है
जिए तू सौ साल से भी ज्यादा यही मेरा आशीर्वाद है

सूरज की तरह तू जग में छा जाये
जहाँ भी पड़े कदम तेरे वहाँ बहारें आ जाये
समय ऐसा कभी न आये
जब तेरा चेहरा जरा भी मुरझाये
खुश रहे तू सदा और सदा खुशिया ही फैलाये
दिन ये जीवन तेरे बार बार आये
पुरे हो सरे, जो भी तेरा अरमान है

तू ही मेरा सपना, तू ही मेरा ख्वाब है
जिए तू सौ साल से भी ज्यादा  यही मेरा आशीर्वाद है

मुश्किलें तो जीवन में आती ही रहती है
हिम्मत से करे मुकाबला वही सच्चा इंसान है
रुकावटे तेरे दमन में आये कभी ना
बहा दूँमै लहू अपना वहाँ , जहाँ तेरा निकले पसीना
तुझ पे तो ये मेरा जीवन कुर्बान है
हम सबका प्यारा तू हम सब की जान है
तू ही मेरा सपना, तू ही मेरा ख्वाब है 

Friday, March 23, 2012

हम बिहारी है....!!


जन्म लिया इस गौरवमयी धरती पर,
इसके हम आभारी है,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

रहूँ चाहे दुनिया के किसी कोने में,
नहीं भूलूँगा कि हम संतान तुम्हारी है......
गोद में तेरे बचपन बिता,
आँचल तले आई जवानी है,
देख के तेरी ऐसी हालत,
आँखों भर आई पानी है,
जन्म दिया और पला-पोसा,
माँ का हर फर्ज़ तुने निभाई है,
अब बारी हमारी है,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

मान हमारी, सम्मान हमारी,
माँ तू तो है अभिमान हमारी,
तेरे चरणों में अर्पण है,
ये जीवन और जान हमारी,

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

धुल तेरे चरणों की,
अपने मस्तक पर हम सजायेंगे,
खो रही जो तेरी गरिमा,
वापस उसे हम लायेंगे,
है कसम हमे इस मिट्टी की,
एक ने बिहार हमे बनानी है.

न कोई शर्म, न लज्जा कहने में,
कि हम बिहारी है,

Thursday, March 15, 2012

ये इश्क़ नहीं तो और क्या है....??

ख्याल जब भी आता है तेरा 
मचल जाता हूँ मैं

खंजर जब चलते है तेरी यादों के
संभल नहीं पता हु मैं

ये इश्क नहीं तो और क्या है...??
क्यों पल - पल तेरे बारे में सोचता हूँ मैं...??

भले ही खबर ना हो तुझे
ख्वावों में भी अक्सर आवाज लगता हूँ मैं
अगर तकिन नहीं तो अपनी सखियों से पूछ लो
तेरी गाँव की गलियों में, उस पनघट किनारे
कुछ पल राज बिताता हूँ मैं


जिंदगी जो बची है कुछ पल की 
तेरी यादों में गुजरता हूँ मैं 


ये कहते है यार मेरे
तू हो चुकी किसी और की
मगर फिर भी
तेरे लौट आने की आश लिए बैठा हूँ मैं


ये इश्क नहीं तो और क्या है....??

Thursday, March 8, 2012

क्या तुम्हरी औकात है......??


औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,

है इस दुनिया जो कोई अस्तित्व तुम्हारा,
ये बस उसका ही प्रताप है,
मांगे दुआए तेरे लिए और रखती उपवास है,
दिया जन्म सह कर असह प्रसव पीड़ा,
खून से अपने तेरा बचपन सिंचा,
क्या यही उसका गुनाह है..........???

जरा सोच कर देखो अपने मन में,
इसके बिना क्या तुम्हरी औकात है......??

औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,

माँ अगर एक रूप है इसका तो,
अवतार भी है ये काली का.....
अबला न समझो इसको,
खींचों नहीं अब कोई लक्ष्मण रेखा,
रानी चेनम्मा और लक्ष्मी बाई की कौसल सारी दुनिया ने देखा है,

मत कैद करो घर की चारदीवारी में,
जैसे की कोई करावाश है,
करना अवहेलना नारी जाती की
पुरे मानवता का अपमान है,
जननी है ये सारी दुनिया की,
सबसे ऊँचा इसका स्थान है,

औरत अगर खामोश है,
मत समझो किया उसने कोई अपराध है,

Tuesday, February 21, 2012

पैसा

ये दुनिया बस है पैसों का खेल
कहते है, पैसा तो है हांथो का मैल
मैल कहाँ रह पता है सदा
धुल जाता है इक पल में
साबुन पानी जो लगे जरा
कितना इस पर इतरोगे
तुम कब तक नहीं नहाओगे
मैल अधिक जम जाये तो
जिस्म भी छलनी हो जाता है
क्यों इसके पीछे भाग रहे
नाते रिश्ते सब त्याग रहे
जोड़ - जोड़ कर इक पैसा
तुने अम्बार लगाया है
गैर तो गैर इस पैसे के लिए
अपनों तक खून बहाया है
लेकिन क्या कभी चैन की नींद सो पाया है ?
अब तक जो भी कमाया है
चैन सुकून जिसके लिए गवाया है
कुछ न साथ जायेगा
सब यहीं रह जायेगा
तेरे बाद औरो को लड़वायेगा
इस पैसे का यही खेल
हाँथ को अपने धोते रहो
अगर ये है हांथो का मैल

Thursday, February 16, 2012

अगर तुम मेरे हो तो...............

वक्त ने जो पैदा किया है दूरियां
असर इसका न मुझ पर पाओगे
कोशिश हम करते रहेंगे तुम्हे बुलाने की
अगर तुम मेरे हो तो न चाहते हुए ही लौट आओगे

फुर्सत जो मिले कभी जरा भी
या महसूस हो कमी किसी अपने की
आँख बंद करके देखना
सबसे करीब तुम हमे ही पाओगे

हमने किया है वादा साथ निभाएंगे उम्र भर
दो कदम चल कर तुम कैसे दूर हो जाओगे
हम तो है साया तुम्हरा
दूर हमसे तो चले जाओगे
मगर अपने साये से पीछा कैसे छुराओगे

फिर भी तुम्हे अगर हम पा ना सके तो
नज्म बन कर तेरे लबों पर बस जायेंगे
किसी और के लिए ही सही
नगमा कभी तो कोई गुनगुनाओगे

कोशिश हम करते रहेंगे तुम्हे बुलाने की
अगर तुम मेरे हो तो न चाहते हुए ही लौट आओगे