नींद किसे आती है और चैन कहाँ मिलता है
जब प्यार किसी से होता है
आता नहीं फिर कुछ और नजर
हर पल निगाहों में चेहरा सनम का होता है
नींद किसे आती है और चैन कहाँ मिलता है
जब प्यार किसी से होता है
क्या करूँ मैं अगर दिल मेरा बेचैन है
हटता नहीं एक पल को तेरे रस्ते से ये नैन है
नींद किसे आती है और चैन कहाँ मिलता है
जब प्यार किसी से होता है
खोया रहता है दिल यार की बातों में
करवटें बदलता रहता हू तन्हा रातों में
तुने मुझ पर ये कैसा जादू किया
खो गया है ना जाने कहाँ मेरा जिया
आता नहीं नजर कुछ भी तेरे शिवा
ओ मेरे सनम, कर मुझ पे इतना करम
लौटा दे मेरा सुख-चैन
नींद किसे आती है और चैन कहाँ मिलता है
जब प्यार किसी से होता है
हर पल निगाहों में चेहरा सनम का होता है
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