Showing posts with label bewafa. Show all posts
Showing posts with label bewafa. Show all posts

Saturday, August 8, 2015

क्या हुआ अगर हम मुस्कुरा न सकें....


तुझे इल्जाम दूँ कैसे मेरी जिंदगी
जरूर कमी मुझ में ही रही होगी ।।

यूँ बेवजह तो ठोकर लगा करती नहीं
जरूर आँखें मेरी ही बंद रही होंगी ।।

तू मुझसे जुदा हो गयी
या कोई और तेरे करीब आ गया,
इसमें खता तेरी नहीं
जरूर मैं ही तुझे अपना बना न सका ।।

हँसती - खिलखिलाती रहे तू खुदा करे
क्या हुआ जो हम मुस्कुरा न सके ।।

Tuesday, October 9, 2012

कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए

भरी महफ़िल में बदनाम हो गए
कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए

ओ बेवफा तुने ये क्या किया
मेरी चाहतों का ये कैसा सिला दिया
तेरे प्यार में हम, क्या से क्या हो गए
कभी मशहूर थे आज गुमनाम हो गए

चाह था तुझे मैंने जान से भी ज्यादा
तेरे संग जिंदगी बिताने का था इरादा
ना मंजिल ही पाई मैंने, ना तुझे ही पा सके
इन राहों पे चलते-चलते, हम मंजिल से दूर हो गए
अरमां जो थे दिल के, सब चूर हो गए
कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए

तुमने जो मुझे तनहा छोड़ दिया
खुशियों ने भी मेरी, मुझसे मुह मोड़ लिया
तन्हा यूँ जीने का मुझको नहीं कोई अरमान है
मेरे जीवन में अब बची नहीं मुस्कान है
मुस्कान मेरे जाने कहाँ खो गए
कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए

भरी महफ़िल में बदनाम हो गए
कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए
कभी मशहूर थे, आज गुमनाम हो गए