Tuesday, October 9, 2012

बहुत बढ़ गयी है मंगाई, लेकिन नहीं बढ़ी कमाई


आज सबेरे जब दफ्तर मैं पहुंचा
बॉस मेरा मुझसे पहले था आ बैठा
हाँथ जोड़ कर मैंने किया नमस्ते
हुयी देर क्यों बदले में उन्होंने पूछा
तब मैंने अपनी व्यथा सुनाई
श्रीमान बहुत बढ़ गयी है मंगाई
लेकिन नहीं बढ़ी कमाई
समय से निकला था मैं घर से
लेकिन बहुत देर एक ऑटो आई
बैठा जल्दी - जल्दी में मैं
कही बैठ ना जाये दूसरा कोई भाई
ऑटो चला वहाँ से
लेकिन उनसे थोड़ी देर लगायी
मेरे अलावा ऑटो के अन्दर बैठी थी एक बूढी माई
कुछ चलने के बाद उन्होंने ऑटो रुकवाई
निकाला बटुआ और दिए कुछ पैसे
ऑटो वाले ने कहा ये क्या दे रही हो
और पैसे दो माई
माई बोली और क्यों दूँ
इतनी ही अब तक मैं देती आई
ड्राइवर बोला बात सही है तेरी माई
लेकिन देखो कितनी बढ़ गयी है मंहगाई
डीजल महंगा, गैस भी महंगा
राशन वाले ने भी दाम बढ़ाई
बिजली महंगी, पानी मंहगा
शब्जी वाले ने भी रेट बढ़ाई
बस कर, बस कर ये ले पैसे
बूढी माई ने फिर मुह बनायीं
दिया पैसे फिर गिन - गिन कर
लेकिन उन्होंने बहुत देर लगायी
उनकी भी नहीं है गलती कोई
श्रीमान बहुत बढ़ गयी है मंगाई
लेकिन नहीं बढ़ी कमाई
बॉस मेरा खामोश रहा
कुछ कहते ना उनसे बना
कहते भी मुझसे क्या
श्रीमान बहुत बढ़ गयी है मंगाई
लेकिन नहीं बढ़ी कमाई

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