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Friday, July 14, 2017

तुम हमेशा मेरे लिए खास हो



खिलती हुयी सुबह हो,
तुम ढलती हुयी शाम हो |
कड़कती धुप में, 
तुम शीतल छांव हो |
अंधेरमयी इस जीवन में, 
तुम जगमगाता प्रकाश हो |
माँ हमेशा ही मेरे लिए तुम खास हो.....!!

थक हार कर जब बैठ जाता हूँ मै,
तो जगती तुम नयी आश हो |
भूखा न सो सोजाऊं मैं कहीं
इसलिए रखती तुम उपवास हो 
तुम से ही है भूख मेरी 
और तुम ही मेरी प्यास हो |
माँ हमेशा ही तुम मेरे लिए खास हो....!!

छुपी रही है हमेशा भलाई मेरी,
चाहे तेरी डांट हो, या फटकार हो,
दर जाता हूँ आज भी तेरी ख़ामोशी से,
माँ तुम बैठा न करो यूँ उदास हो |
माँ हमेशा ही तुम मेरे लिए खास हो....!!

चाह नहीं है पैसों की, ना नाम की,
ना दुनिया के सलाम की
बस मेरे सर पर उम्र भर,
तेरा आशीष हो तेरा हाँथ हो |
माँ हमेशा ही तुम मेरे लिए खास हो....!!


Saturday, October 1, 2011

मेरी दुनिया जन्नत मेरी


सुबह - शाम दिन हो या रात
करूँ मैं माँ बस तुझको ही याद
करुणामयी है और ममतामयी है
स्नेह तेरी आँचल भरी है
पीड़ा सह कर जन्म दिया
करती मेरे लिए तू नित नए उपवास
पानी पहले मुझको पिलाये
लगता जब कभी तुझको है प्यास
छींक भी अगर आजाये मुझको
जागे तू सारी - सारी रात
दुख भी उठाती, सहती है कस्ट हजार
लेकिन फिर भी कभी होने ना दिया
मुझे जरा भी अहसास
हूँ परदेश दूर बहुत तुझसे
साया तेरा फिर भी हर पल है पास
सुबह - शाम दिन हो या रात
करूँ मैं माँ बस तुझको याद
मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर
ना जाऊं मैं तीर्थ कैलाश
मेरी दुनिया जन्नत मेरी
सब है माँ तेरे कदमो के पास